लंबी और दर्द भरी जांच से अब कैंसर के रोगियों को राहत मिल सकेगी। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) की टीम ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो साधारण लेजर लाइट की रोशनी की मदद से बिना किसी दवा या केमिकल के इस्तेमाल से कोशिकाओं में मौजूद कैंसर की पहचान कर लेगी। आईईआरटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अल्का वर्मा और उनकी टीम ने यह तकनीक विकसित की है। यह शोध पत्र एमडीपीआई की क्वांटम रिपोर्ट्स नामक जर्नल में प्रकाशित हो चुका है।
पीएसएचई नाम की प्रकाश आधारित तकनीक का इस्तेमाल
वैज्ञानिकों ने फोटोनिक स्पिन हॉल इफेक्ट (पीएसएचई) नाम की प्रकाश आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया। वैज्ञानिकों ने सोना, सिलिकॉन नाइट्राइड और मोलिब्डेनम डाइसल्फाइड जैसी परतों वाली विशेष संरचना बनाकर इस बदलाव को लगभग 350.82 माइक्रोमीटर तक बढ़ा दिया, जिससे कोशिकाओं में मौजूद कैंसर की पहचान आसान हो गई।
सर्वाइकल, रक्त और एड्रिनल ग्रंथि के कैंसर की पहचान में मिली सफलता
शोध में पाया गया कि कैंसर कोशिकाओं का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स (अपवर्तनांक) सामान्य कोशिकाओं से अधिक होता है। इसी अंतर की मदद से नई तकनीक लैब स्तर पर त्वचा, स्तन, सर्वाइकल, रक्त और एड्रिनल ग्रंथि के कैंसर की पहचान करने में सफल रही।
इस तकनीक का व्यावहारिक उपयोग संभव हो सकेगा
यह तकनीक भविष्य में तेज, सटीक और कम खर्च वाली कैंसर जांच प्रणाली विकसित करने में मदद कर सकती है। इसके लिए किसी विशेष डाई या रासायनिक लेबल की जरूरत नहीं होगी। तकनीक को आगे चलकर छोटे फोटोनिक चिप्स में भी विकसित किया जा सकता है, जिससे व्यावहारिक उपयोग संभव हो सकेगा।
-डॉ. अल्का वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, आईईआरटी