शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर चंदा चोरी, सांसदों और विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश में पूरी तरह अराजकता का माहौल है. पूरा देश भाजपा के शासन के अधीन है. हम भी कुछ समय तक उनके सहयोगी रहे हैं. खासकर बाबरी मस्जिद विध्वंस आंदोलन के दौरान. हिंदुओं को बहुत कुछ सहना पड़ा था. भाजपा ने हिंदुओं की उस पीड़ा का राजनीतिक लाभ उठाया और आज पूरे देश में असीमित सत्ता का आनंद ले रही है.
उन्होंने मीडिया से बातचीत में ये भी कहा, ”आज राम मंदिर दुर्भाग्यपूर्ण कारणों से चर्चा में है. जिस तरह सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त को एक ‘ऑपरेशन’ कहा जाता है, क्या उसी तरह राम मंदिर में हुई लूट को भाजपा का ‘ऑपरेशन राम मंदिर’ कहा जाना चाहिए?”
अब हिंदू चुप नहीं बैठेगा- उद्धव ठाकरे
उन्होंने पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी का भी जिक्र किया. उद्धव ठाकरे ने कहा, ”आडवाणी जी ने कहा था कि अब हिंदू मार नहीं खाएगा. लेकिन जो लोग राम मंदिर में हुई इस कथित लूट को सहन नहीं कर पा रहे हैं, वे अब कह रहे हैं कि अब हिंदू चुप नहीं बैठेगा.”
दादर के हनुमान मंदिर में ‘राम रक्षा आंदोलन’ का आयोजन
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने आगे कहा, ”हम इस रविवार (5 जुलाई) को दादर के एक हनुमान मंदिर में ‘राम रक्षा आंदोलन’ का आयोजन कर रहे हैं. हम सभी हिंदुओं से बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर राम मंदिर में हुई कथित लूट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की अपील करते हैं. राम मंदिर में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में हम हनुमान चालीसा और स्तोत्रों का पाठ करेंगे.”
‘हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए’
उन्होंने ये भी कहा, ”मैं अमित शाह के साथ अयोध्या जाऊंगा. मैंने यह इसलिए कहा क्योंकि मैंने सुना है कि अमित शाह अभी तक राम मंदिर नहीं गए हैं. जो लोग हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए. जो लोग ‘जय श्री राम’ के साथ ‘जय शिवराय’ का नारा लगाते हैं, उन्हें भी इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए.”
मैं निश्चित रूप से अयोध्या जाऊंगा- उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मैं निश्चित रूप से अयोध्या जाऊंगा, लेकिन उससे पहले मैं महाराष्ट्र से शुरुआत करते हुए यहां के लोगों को जागृत करने का काम करूंगा. उन्होंने कहा, ”मुझे डर है कि जिन्होंने राम मंदिर को लूटा है, उन्हें न केवल बख्श दिया जाएगा, बल्कि बाद में उनका सम्मान कर उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल भी बना दिया जाएगा.”
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