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UPTET Exam Paper 2026 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) के दूसरे दिन का एग्जाम खत्म हो गया है. प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर ये परीक्षा कराई गई. इन जिलों में मिर्जापुर भी शामिल रहा. लोकल 18 ने मिर्जापुर में परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों से बात की. वाराणसी से परीक्षा देने आए प्रेम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ सवाल ऐसे थे, जिसको सॉल्व करने में थोड़ी दिक्कत हुई. भदोही की रहने वाली वर्षा अग्रहरि ने बताया कि जो तैयारी कर रखी थी, सवाल उसी से आए.
मिर्जापुर. यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी 2026) की परीक्षा मिर्जापुर में दूसरे दिन संपन्न हो गई है. आज जीके और इतिहास के सवालों ने छात्रों को घुमा दिया. जीके के सवालों में पर्यावरण को लेकर ज्यादातर सवाल पूछे गए थे. इतिहास में पुर्तगाल, संविधान और चंद्रगुप्त मौर्य से जुड़े हुए सवाल आए हुए थे, जिसको देखकर छात्रों का माथा ठनक गया. परीक्षा देकर बाहर आए छात्रों ने कहा कि इस बार यूपीटीईटी की परीक्षा में जीके के सवाल कठिन आए थे. दूसरे सवालों की अपेक्षा ज्यादा समय लगा. बाकी सवालों को हल करने में कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा.
इसमें भी दिक्कत
वाराणसी से आए हुए प्रेम प्रकाश मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि सवाल मीडियम लेवल के आए थे. गणित के सवालों में परेशानी हुई. कुछ सवाल ऐसे थे, जिसको सॉल्व करने में थोड़ी दिक्कत हुई. अन्य विषयों के सवाल औसत आए हुए थे. परीक्षा में दूसरी तरह की किसी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा. बेहतर नंबर आने की उम्मीद है. भदोही की रहने वाली वर्षा अग्रहरि ने बताया कि जो तैयारी कर रखी थी, सवाल उसी से आया. ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा. सवालों को हल करने में दिक्कत नहीं हुई.
ज्यादातर सवाल पर्यावरण से
वाराणसी से आए शिवांशु पांडेय ने बताया कि परीक्षा में जिन्होंने रटकर तैयारी की होगी, उनके लिए एग्जाम कठिन होगा. क्योंकि, सवाल समझने वाले थे. जिन्होंने समझकर प्रश्नों का उत्तर दिया होगा, उनके नंबर अत्यधिक आएंगे. इस बार के सवाल में जीएस के सवाल ज्यादा आए हुए थे. जीएस में ज्यादातर सवाल पर्यावरण से पूछे गए थे, जिसकी उम्मीद नहीं थी. पर्यावरण से सवाल पूछे जाने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा.
इनको मिलेंगे ज्यादा अंक
गोपीगंज से आई क्षमा पांडेय ने बताया कि पेपर औसत था. इजी टू मॉडरेट कह सकते हैं. जो सिलेबस पहले से तय किए गए थे, सवाल लगभग उसी में से आए हुए थे. किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा. श्रेया ने बताया कि जिन्होंने पहले से प्रॉपर तैयारी की होगी, उनको बेहतरीन नंबर मिलेंगे. ज्यादातर सवाल सेलेबस से ही आए हुए थे. आउट ऑफ सेलेबस एक-दो सवाल ही आए थे.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें