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Ram Temple Donation Dispute: राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की रकम में घोटाले का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने अब एक इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर के दान को लेकर क्या कुछ कहा.
अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में गिनती में लगा एक कर्मचारी नोटों की गड्डियों को बॉक्स में न डालकर अपने पास ही रखता दिखा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चढ़ावे में कब से चोरी हो रही है इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हैं. लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की निष्ठा पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता.
हर दिन 10 घंटे हो रही जांच
एनडीटीवी इंडिया को दिए इंटरव्यू में मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कई बड़े दावे किए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी में एसआईटी जांच के बारे में मुझे कुछ नहीं पता. उन्हें खुद अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजनी है. बस पता लगा है कि एसआईटी की टीम हर दिन 10 घंटे जांच कर रही है. एसआईटी की जांच में सब सामने आ जाएगा.
ट्रस्ट पर क्या बोले मिश्र?
ट्रस्ट की साठगांठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस काम से जुड़े हैं और वे निश्चित तौर पर स्वयंसेवक थे. इसका अर्थ है कि वे बिना किसी वेतन के समाजसेवा कर रहे थे. ऐसे स्वयंसेवकों की सिफारिश तो निश्चित तौर पर ट्रस्ट के लोगों की ओर से हुई होगी, लेकिन साठगांठ वाली बात सही नहीं है. यह व्यक्तिगत करप्शन का मामला है, जिसमें निष्ठा को खोकर भ्रष्टाचार किया गया.
चोरी कब से हो रही…
आरोपों की जांच के दौरान काउंटिंग की निगरानी व्यवस्था में कई खामियां सामने आई है. हालांकि, चोरी कब से हो रही थी इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है. दान पेटी को लेकर सख्त दिशा निर्देश दिए गए थे लेकिन, उन निर्देशों के पालन में कमी रह गई. चढ़ावे की गिनती करने वालों को बिना जेब के कपड़े पहनने और तलाशी की व्यवस्था तय थी लेकिन, चर्चा है कुछ लोग गड्डियां लेकर बाहर निकले.
टिन्नू यादव पर कही ये बात
टिन्नू यादव पर उन्होंने कहा कि यह नाम मामले में आया है. कहा जा रहा है कि वह ड्राइवर था और फिर जब ट्रस्ट स्वरूप में आया तो उसे बड़ी जिम्मेदारियां मिल गईं. यह सही है कि कुछ संवेदनशील जिम्मेदारियां भी उसके पास थीं. अब उसने कैसे विश्वास का बेजा इस्तेमाल किया, यह कहना बहुत कठिन है. इनकी ओर से क्या गलत किया गया, यह देखना होगा.
उन्होंने इस पूरे प्रकरण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करने की बात की और कहा कि इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की निष्ठा पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि चढ़ावे में आई रकम को गिनने वाले कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्डिंग को केवल 45 दिन तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके बाद डेटा खुद डिलीट हो जाता है. इसलिए एसआईटी को कठिनाई आ रही है और जांच में समय लग सकता है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें