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बहराइच के किसान त्रिलोकी ने कम जमीन पर लाल भिंडी की खेती करके बेहतर मुनाफा कमाया है. हरी भिंडी की तुलना में इसकी बाजार में ज्यादा कीमत और बेहतर डिमांड होने के कारण यह किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बनती जा रही है. जानिए कैसे कम भूमि में भी लाल भिंडी की खेती से अधिक कमाई संभव है.
बहराइच: यूपी में बहुत सारे किसान ऐसे हैं जिनके पास कम भूमि है और कम भूमि होने के नाते ऐसे किसान खेती करके अच्छा मुनाफा नहीं कमा पाते हैं. ऐसे में कुछ किसान ऐसे भी हैं जो पारंपरिक खेती में अपनी सूझबूझ और सही फसल से अधिक उत्पादन से कम भूमि पर ही अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं. इन्हीं किसानों में से बहराइच जिले के रहने वाले किसान त्रिलोकी हैं. जो इन दिनों कम भूमि पर भिंडी की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, आईए जानते हैं कैसे.
कम भूमि पर शुरू की लाल भिंडी की खेती हो रहा अधिक मुनाफा
बहराइच जिले के छोटे से गांव मिर्जापुर में रहने वाले किसान त्रिलोकी एक युवा किसान है और दादा परदादा के जमाने से खेती करते आ रहे हैं. इन्होंने बताया है भिंडी की खेती एक मुनाफे का सौदा है लेकिन कम जमीन होने के नाते इन्होंने भिंडी की खेती खास प्रजाति की मात्र एक से डेढ़ बिस्वा जमीन पर ही शुरू की जिस बीज को इन्होंने दिल्ली से खरीदा था और अब बंपर हो रही है पैदावार.
लाल भिंडी की मंडी में मांग
किसान त्रिलोकी ने बताया है हरी भिंडी से अधिक डिमांड लाल भिंडी की होती है और ये स्वादिष्ट भी होती है. इसके साथ ही मंडी में या झटपट बिक भी जाती है और अगर हरी भिंडी का भाव ₹20 प्रति किलो ग्राम होता है तो इस लाल भिंडी का दाम ₹30 प्रति किलो ग्राम बड़े आराम से बिक जाता है यानी की हरी भिंडी से इसका भाव 50% तक अधिक मिलता है.
इस वजह से कम भूमि में भी मुनाफा अधिक हो जाता है. इसकी खेती में बहुत ज्यादा कोई गुणा गणित लगाने की जरूरत नहीं होती है बस नॉर्मल भिंडी की खेती की तरह भी इसकी खेती की जाती है. यूपी में भी अलग-अलग जगह पर इसकी बीज मिलने लगी है. जो लाल भिंडी के नाम से प्रचलित है जिसकी कीमत भी थोड़ी हरी भिंडी से अधिक होती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें