उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है. प्रदेश सरकार ने गांवों को ‘स्मार्ट’ और ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों में ‘ग्राम सचिवालयों’ की स्थापना की है. इस पहल से ग्रामीणों को अब जरूरी सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही आसानी से उपलब्ध हो रही हैं.
ग्राम सचिवालयों की स्थापना ने ग्रामीणों के समय और धन दोनों की भारी बचत की है. अब ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण कराने, पेंशन योजनाओं की जानकारी लेने और मनरेगा संबंधी सेवाओं के लिए बार-बार तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं. पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 24,311 नए पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है, जो ग्रामीण प्रशासन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं.
इन पंचायत भवनों में पंचायत बैठकों, जनसुनवाई, डिजिटल सेवाओं और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
UP विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान, बोले- ‘बराबरी का…’
यूपी में इस मुद्दे पर साथ आए मायावती-अखिलेश, सरकार को घेरा, सीएम योगी से भी पूछे सवा
https://www.abplive.com/states/up-uk/meerut-news-mayawati-akhilesh-yadav-seeks-justice-for-meerut-kabaddi-player-anushka-pal-3139078
हाईटेक हुए ग्राम सचिवालय, पंचायत सहायकों की तैनाती
प्रदेश के ग्राम सचिवालयों को पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. यहां फर्नीचर, कम्प्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, पेयजल और स्वच्छता की मुकम्मल व्यवस्था की गई है. काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पंचायत सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है. गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के लिए 1875 रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट और कन्सल्टिंग इंजीनियर (सिविल) का इम्पैनलमेंट (Empanelment) भी किया गया है.
भुगतान में पारदर्शिता: AI और जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल
भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और पारदर्शिता लाने के लिए पंचायती राज विभाग ने तकनीक का शानदार इस्तेमाल किया है. ग्राम पंचायतों को भेजी जाने वाली समस्त धनराशि का भुगतान अब ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर से ही किया जा रहा है, जिसके लिए जियो-फेंस्ड (Geo-fenced) और क्यूआर कोड (QR Code) तकनीक लागू की गई है. धनराशि के खर्च की निगरानी (अनुश्रवण) के लिए एआई (AI) मॉडल का प्रयोग किया जा रहा है. इसके अलावा, समस्याओं के त्वरित निस्तारण और बेहतर संचार के लिए एक राज्य स्तरीय कॉल सेंटर तथा ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम (Online Attendance System) भी लागू किया गया है.
ग्राम सचिवालय और पंचायत भवनों का यह व्यापक नेटवर्क उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को नई गति दे रहा है. ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योगी सरकार की यह उपलब्धि प्रदेश के गांवों को सशक्त, डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है.
यूपी में इस मुद्दे पर साथ आए मायावती-अखिलेश, सरकार को घेरा, सीएम योगी से भी पूछे सवाल